एमपी के ऊर्जा मंत्री ने जनता से खुदको जूते, डंडे मारने को क्यों कहा ?

    एमपी अजब है, एमपी गज़ब है, ये कहावत तो मशहूर है ही , लेकिन अब तो यह भी कहा जा सकता है की एमपी के नेता भी अजब गजब है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि एमपी के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन तोमर जो अक्सर अपने बयानों और कामों की वजह से सुर्खियों में रहते है, एक बार फ़िर सुर्खियों में आ गए है।
    प्रद्युमन तोमर जो कभी जनता के लिए खुद ही नाली साफ करने लगते है, तो कभी सड़क सही न होने पड़ बिना चप्पल ही सड़कों पर चलने लगते है, इतना ही नहीं, कभी कभी तो वो अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के घर सुबह चार बजे ही उनसे उनका हाल चाल पूछने चले जाते है। अब सोचने वाली बात है कि जो नेता अपनी जनता की समस्याओं का समाधान तक नही कर पा रहा, खुद ही उसे नालियां साफ करनी पड़े, तो वो कैसे ही लोगों के लिए काम करेगा?

    मध्प प्रदेश सरकार के मंत्री प्रद्युमन तोमर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे जनता से कह रहे हैं कि” आप चाहें तो मुझे जूते मार लें, डंडे बरसा लें, पर मैं काम वही करूंगा जो आने वाली पीढ़ियों के हित में हो। तोमर ने ये भी कहा कि अगर आप मुझे निकम्मा समझते हैं और आपके किसी काम का नहीं हूं तो आप बोलिए मैं आज ही रिजाइन कर देता हूं। ”


    आईए अब इस पुरे मामले के बारे में बताते है। दरअसल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर सोमवार को अपनी विधानसभा क्षेत्र में थे। वहां किला गेट चौराहे से लेकर फूलबाग सेवानगर तक सड़क चौड़ीकरण का काम लटका हुआ है और इसके लिए अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। वर्षों से रहे और व्यापार कर रहे लोग इसका विरोध कर रहे हैं। और इसी को देखते हुए रविवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान वहां उपद्रव भी हो गया था। पुलिस को लाठियां तक चलानी पड़ी थीं। उसके बाद से यहां के स्थानीय लोग ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

    इसकी ख़बर लगते ही उन्हीं लोगों से बात करने के लिए तोमर वहा नाराज़ जनता के बीच पहुंचे थे। बीच सड़क पर बात करते हुए तोमर ने कहा कि “आप लोग यहां खड़े हैं, आप असंतुष्ट है कि तोमर निकम्मा है, काम नहीं कर रहा है, आपके साथ अन्याय किया है तो मैं क्षत्रिय बालक हूं। आप यहां कहेंगे तो मैं रिजाइन करके बाहर हो जाऊंगा कुर्सी से। अगर आपको मेरे ऊपर विश्वास नहीं है। मुझे कुछ नहीं कहना। आपको लाठी चलना है लाठी चलाइए, आपको पत्थर फेंकना है पत्थर फेंकिए, आपको मुझे जूते मारना है जूते मारिए, पर मैं वो ही काम करूंगा जिसमें आने वाली पीढ़ी और ग्वालियर का भला हो। आप मेरी बात को सुन लें। अगर नहीं भरोसा है, आप मुझे दूसरे नेताओं की तरह गिनना चाहते हैं तो गिन लीजिए। ये न तो मेरा चुनावी भाषण है, न किसी को क्रोधित करने का भाषण है। आपको गाली देना है, दीजिए। और यह काम आगे वाली पीढ़ियों के लिए बहुत ही जरूरी है। कई सालों से काम अटका है। प्रशासन मुझ पर आरोप तक लगा चुका है कि मैं काम नहीं करने दे रहा। तोमर बोले कि मैं जनता का, आपका सेवक हूं इसलिए आपके पास आया हूं। मैं चाहता हूं कि कोई बीच का रास्ता निकालो जिससे हम सबका भला हो सके।”